टिप्पणिओं से थोड़ा उत्साहवर्धन हुआ तो इस ट्रेक को थोड़ा आगे बढ़ाया। इस ट्रेक की बेस लाईन से मैं काफ़ी खुश हूँ लेकिन कुछ चीज़ें अभी अच्छी नहीं हैं। आप बताईए, सुनकर।
o_humsafar.mp3
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आज सुबह सुबह अढ़ाई घंटा बैठ कर बारह सेकंड का ये ट्रेक बनाया। ये फ़िल्म 'फ़रेब' के गाने 'ओ हमसफ़र' का शुरूआती संगीत है। इसे जल्द ही पूरा करने की कोशिश करूँगा। कृपया बताएं कि कैसा बन पड़ा है।
Tuesday, May 30, 2006
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4 comments:
रजनीश, "बनाया है" का क्या अर्थ है ? कि तुमने वह गिटार सचमुच बजाया है ? या फ़िर इंटरनेट के छद्म गिटार पर उसे बजाया है ? या फ़िर कोई और अर्थ है इसका ? जो भी है, संगीत अच्छा है, ड्रम की आवाज भी अच्छी है.
कुछ दिन पहले तुम्हारे इटली यात्रा की तस्वीरें भी देखीं थीं. तुमने यह नहीं लिखा था कि इटली में कहाँ गये थे पर सोचता हूँ कि अगर तुम हमारी तरफ, यानि बोलोनिया आओ, तो पहले अवश्य खबर दोगे!
सुनील
बहुत अच्छा है लिनेक्स पर भी चला| पर सवाल वही है जो सुनील जी ने पूछा|
सुनील तथा उन्मुक्त जी, टिप्पणी के लिए धन्यवाद। 'बनाया' का मतलब कि मैंने ये संगीत अपने कीबोर्ड तथा कंप्यूटर के साथ बनाया है। मुझे जतिन ललित द्वारा बनाई हुई ये धुन बहुत अच्छी लगती है, इसे धीरे धीरे पूरा करूँगा। गिटार बजाया मैंने ही है लेकिन सचमुच का नहीं, कीबोर्ड से। ड्रम, बेस और बाकी सब भी इसी तरह बजाया है। लेकिन ये 'इंटरनेट के छद्म गिटार' क्या होता है? कृपया इसके बारे में जानकारी बढ़ायें।
हम लोग सिसली के पास कालाब्रिया में गए थे। बोलोनिया से तो वो शायद काफ़ी दूर है। लेकिन हमारा जब भी इटली आने का प्रोग्राम बनेगा, आपको ज़रूर बताएंगे। आप भी आईए हमारे पास, म्युनिक।
यह भी अच्छा है
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