इस गाने में बेसुरापन साफ़ झलकता है। लेकिन क्या करें, आवाज़ ही ऐसी है। esnips के इस ब्लॉग की फ़ीड ये भी हैः
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Saturday, October 27, 2007
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गाने और बजाने के अपने शौक को समर्पित, हिन्दी में
1 comments:
बहुत बेहतरीन, रजनीश भाई. छा गये तुस्सी तो.
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