tag:blogger.com,1999:blog-182072182008-04-18T17:04:47.716+02:00गाना बजानारजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comBlogger20125tag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-11602350765557672782008-03-24T12:28:00.009+01:002008-04-01T23:34:08.550+02:00music linkshttp://downloadhindisongs.blogspot.com/<br />http://www.musicindiaonline.com/<br />http://www.raaga.com/channels/hindi/<br />http://www.smashits.com/<br />http://songs.kishorekumar.org/<br /><br /><br />hindi lyrics<br />http://www.aksharamala.com/hindi/isb/<br />http://giitaayan.com/<br />http://smriti.com/hindi-songs/<br />http://freehindilyrics.com/<br />http://www.geetmanjusha.com/<br /><br />http://www.itwofs.com/hindi-rdb.html<br />कहीं करती होगी (फिर कब मिलोगी)<br />The Lonely Bull by Herb Albert and Tijuana Brass<br />http://www.youtube.com/watch?v=EosubXzFVUg<br /><br />जब अँधेरा होता है (राजा रानी)<br />5th Dimension sings Age Of Aquarius Let The Sunshine In<br />http://www.youtube.com/watch?v=RrGLf4J33vUरजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-54334635124649348052007-12-01T02:02:00.001+01:002008-04-18T10:49:10.758+02:00Reason-एक संपूर्ण संगीत साफ़्टवेयरआईये आपको एक धाँसू प्रोग्राम के बारे में बताता हूँ जिससे आप बिना किसी हार्डवायर सिंथेसाईज़र के पूरा मल्तीट्रैक संगीत तैयार कर सकते हैं। उसका नाम है <a href=http://www.propellerheads.se/products/reason/>Reason</a>। हालाँकि इसमें संगीत डालने के लिये कम से कम आपको एक MIDI कीबोर्ड तो चाहिये। लेकिन आजकल सस्ते MIDI कीबोर्ड मिलते हैं जिनमें अपनी कोई ध्वनियां नहीं होती, वे केवल कंप्यूटर के साथ जोड़ने के काम आते हैं। MIDI कीबोर्ड को आप एक आम कंप्यूटर कीबोर्ड की तरह एक input device की तरह ही लें जो अक्षरों की जगह स्वर डालने के काम आती है।<br /><img src=http://naturalsoundsystem.free.fr/checklist/pics/img/reason-av.jpg width=400px><br />Reason में अपनी ड्रम मशीन, अपना मिक्सर, अपना सिंथेसाईज़र और बहुत कुछ है। देखने से लगता है जैसे सचमुच की मशीनें आपके सामने पड़ी हों (फ़ोटो देखें)। यही नहीं, आप tab बटन दबाने से मशीनों को पीछे से भी देख सकते हैं कि वो आपस में कैसे तारों से जुड़ी हैं। ये तारें सजीव दिखती हैं। आप माउस से इस तारों को हिला भी सकते हैं। हिलाने पर ये ऐसे डोलती हैं मानों सचमुच की तारें हों। आपको बाहरी ध्वनिओं की ज़रूरत ही नहीं क्योंकि इस साफ़्टवेयर से आपके पास असीमित संभावनायें हैं। वैसे भी अगर आप ध्वनियों के लिये बाहरी सिंथेसाईज़र का इस्तेमाल करते हैं तो संगीत पूरा करने के बाद दोबारा कंप्यूटर में wav या mp3 में रिकार्ड करना पड़ता है, जबकि इससे सारा संगीत अंदर ही अंदर export हो जायेगा, बिना गुणवत्ता खोये। डेमो आज़मा कर देखें। हाँ, आपके पास अच्छा साउँडकार्ड भी होना चाहिये। क्योंकि सारी ध्वनियाँ साफ़्टवेयर के द्वारा बनती हैं, तो कमज़ोर साउँडकार्ड से ध्वनि कुञ्जी दबाने के कुछ देर बाद सुनाई देगी और आप रिकार्ड नहीं कर पायेंगे। ऊपर से अगर आपने कई ट्रैक रिकार्ड कर रखे हैं जो एक साथ बज रहे हैं तो बज गया बाजा साउँडकार्ड का।<br /><img src=http://www.macworld.com/2005/05/images/content/reason2_big.jpg width=400px><br />इसमें बताने के लिये बहुत कुछ है लेकिन मैं एक पोस्ट में सबकुछ नहीं लिख सकता। बेहतर ये है कि आप जो न समझ आये वो पूछ लें, तो मैं बता दूँगा।रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-7176876870406390062007-10-27T20:59:00.000+02:002007-10-27T21:00:35.661+02:00शिशु गीत - धोबी आयामेरी पत्नी ने कहा कि हिन्दी में बच्चे को सुनाने के लिए कुछ बच्चों के पुराने फ़िल्मी गीतों को छोड़ कर हिन्दी में शिशु गीत लगभग हैं ही नहीं। उन्हें muffin man, twinkle twinkle little star आदि ही सुनाने पड़ते हैं। तो हमने कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध शिशु गीतों को स्वरबद्ध करने की सोची। ये पहला गीत है। बहुत साधारण धुन है, साथ ही हाथ से <a href=http://en.wikipedia.org/wiki/Cajon>cajon</a> भी बजाया है।<br /><br /><embed quality="high" pluginspage="http://www.macromedia.com/go/getflashplayer" type="application/x-shockwave-flash" bgcolor="#000" width="328" height="94" src="http://res0.esnips.com/escentral/images/widgets/flash/esnips_player.swf" flashvars="theTheme=bronze&amp;autoPlay=no&amp;theFile=http://www.esnips.com//nsdoc/fb0d08a6-8102-4149-90af-6a2580ae1ed3&amp;theName=धोबी आया&amp;thePlayerURL=http://res0.esnips.com/escentral/images/widgets/flash/mp3WidgetPlayer.swf"></embed>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-60349024282428441702007-10-27T15:38:00.000+02:002007-10-27T15:45:01.761+02:00कैरियोकी - चांद मेरा दिलइस गाने में बेसुरापन साफ़ झलकता है। लेकिन क्या करें, आवाज़ ही ऐसी है। esnips के इस ब्लॉग की फ़ीड ये भी हैः<br />http://www.esnips.com/feed/143c4681-4b26-4d69-a99c-86ad5ba08e41/rss_2.0<br /><br /><br /><embed quality="high" pluginspage="http://www.macromedia.com/go/getflashplayer" type="application/x-shockwave-flash" bgcolor="#000" width="328" height="94" src="http://res0.esnips.com/escentral/images/widgets/flash/esnips_player.swf" flashvars="theTheme=silver&amp;autoPlay=no&amp;theFile=http://www.esnips.com//nsdoc/91610d15-c4b8-4ec8-a285-9dccd60f23cd&amp;theName=चांद मेरा दिल&amp;thePlayerURL=http://res0.esnips.com/escentral/images/widgets/flash/mp3WidgetPlayer.swf"></embed>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-15633180271049252192007-10-26T22:03:00.000+02:002007-10-26T22:07:40.393+02:00दीवाना लेके आया हैकैरियोकी पर एक कोशिश। शुरू में अपनी बेटी से बात कर रहा था, काटना भूल गया। सुनिए।<br /><embed quality="high" pluginspage="http://www.macromedia.com/go/getflashplayer" type="application/x-shockwave-flash" bgcolor="#000" width="328" height="94" src="http://res0.esnips.com/escentral/images/widgets/flash/esnips_player.swf" flashvars="theTheme=blue&amp;autoPlay=no&amp;theFile=http://www.esnips.com//nsdoc/c5d3678d-be30-40d7-b657-e2319da8da8d&amp;theName=दीवाना लेके आया है&amp;thePlayerURL=http://res0.esnips.com/escentral/images/widgets/flash/mp3WidgetPlayer.swf"></embed>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-68709551513085681302007-09-08T21:38:00.000+02:002007-09-08T21:47:07.054+02:00एक दो तीनतेज़ाब फ़िल्म के इस गाने का मुखड़ा देखिए स्टाफ़ नोटेशन (staff notation) में। <a href=http://www.rajneesh-mangla.de/ek_do_teen.mid>ये रही</a> सुनने के लिए इसकी मिडी (midi) फ़ाईल, और <a href=http://www.rajneesh-mangla.de/ek_do_teen.pdf>ये रही</a> प्रिंट करने के लिए पीडीएफ़ फ़ाईल।<br /><img src=http://www.rajneesh-mangla.de/ek_do_teen.JPG>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-55166350769187453272007-07-14T22:01:00.000+02:002007-07-14T22:02:17.142+02:00scalesअधिकतर गानों में कुल बारह में से सात स्वर इस्तेमाल होते हैं और उनका क्रम (यानि आपसी स्वरों में अंतर) इस प्रकार होता हैः<br />2 2 1 2 2 2 1<br />इसे major scale कहते हैं। शायद भारतीय संगीत प्रणाली में इसे किसी राग का नाम दिया गया होगा। नोट करें कि ऊपर दिए गए अँकों की संख्या सात है और जोड़ बारह। पहले स्वर से स्केल का नाम होता है, जैसे C major, D major etc. सभी प्रकार के major scales के बारे में फिर कभी।<br /><br />कुछ गानों में स्वर तो सात ही लगते हैं लेकिन उनका क्रम अलग होता है, जैसेः<br />1 2 2 1 3 1 2<br />इसे minor scale कहते हैं। इस प्रकार हिन्दी गाने मैंने अधिकतर उदास गाने ही सुने हैं, जैसे 'जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग'। वैसे इस गाने के बीच में क्रम बदलता भी हैः- 2 1 2 1 3 1 2<br /><br />एक सोनू निगम के गाने में मैंने अलग ही तरह का क्रम पाया। वो गाना है, 'इस कदर प्यार है, तुमसे ओ हमसफ़र'। ये किसी प्राईवेट एल्बम का गाना है। इसमें स्वरों का क्रम हैः 2 2 2 2 1 2 1<br />ये भी सात ही स्वर हैं और इनका जोड़ भी बारह है। मुझे इस स्केल का नाम नहीं पता लेकिन गाने में अजीब सा दबा दबा सुरूर है।<br /><br />गाने 'मेरे नैना सावन भादों' में छह स्वर लगते जिनका क्रम इस प्रकार हैः 2 1 4 2 1 2<br />नोट करें कि इनकी संख्या छह है लेकिन जोड़ बारह ही है, यानि कुल बारह स्वर। वैसे गाने के बीच में सातवाँ स्वर लगता है जब शौरी (किशोर कुमार) बिल्कुल ऊपर पहुँच जाता है। याद करें पंक्तियां----<br /><b>अब सोचूं तुम्हें याद नहीं है, अब सोचूं नहीं भूले, वो सावन के झूले</b><br />'वो सावन के झूले' के ठीक पहले एक सबसे ऊँचा स्वर लगता है। वो है सातवाँ स्वर जो पूरे गाने में बस यहीं इस्तेमाल होता हैरजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-88684975405818961482007-07-02T23:36:00.000+02:002007-07-04T21:15:18.814+02:00गाना पहेली<a href=http://www.rajneesh-mangla.de/paheli_01.mp3>ये धुन</a> किसी गाने के बीच में बजती है। ये ओरिजनल धुन नहीं,मैंने बजाई है, इस लिए बिल्कुल वैसी तो नहीं है, फिर भी गाना बूझें। अब ये मत कहिएगा कि गाना सुना नहीं हुआ।<br /><br />ये पहेली तो मैथिली जी और समीर जी ने फ़्टाक से बूझ दी है। साफ़्टवेयर से मैंने इस गाने की पहली पंक्ति नोटेशन में लिखने की कोशिश की। शायद <a href=http://www.noteworthysoftware.com/>इस साफ़्टवेयर</a> में कभी युनिकोड में बोल लिखना संभव हो पाए।<br /><img src=http://www.rajneesh-mangla.de/yeh_shaam.jpg>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-18490890883983755712007-06-10T00:48:00.000+02:002007-06-10T01:36:54.436+02:00अपना छोटा सा स्टुडियोअभी बहुत देर बाद अपना स्टुडियो दोबारा जुटाना शुरू किया है। अब <a href=http://www.rajneesh-mangla.de/>वेबसाईट</a> वगैरह पर काम कम और मुज़िक शुशिक पर ज़्यादा करेंगे। क्या है कि <a href=http://www.mackie.com/products/1402vlzpro/>पुराना मिक्सर</a> कुछ देर से तकलीफ़ दे रहा था, तो सस्ते में बेच दिया। लेकिन अब जब नया मिक्सर लेने का मन बनाया तो अपनी भूल का अहसास हुआ। सस्ते मिक्सरों में वो बात नहीं होती। फिर भी आज <a href=http://www.behringer.com/1622FX/>ये</a> खरीद लिया।<br /><img src=http://www.behringer.com/1622FX/1622FX_medium.jpg><br />बाकी अपने म्युज़ियम में बहुत देर से <a href=http://www.rolandus.com/products/productdetails.aspx?ObjectId=264>ये</a>,<br /><img src=http://www.planet-groove.com/roland/images/xp-10.jpg><br /><a href=http://www.rolandus.com/products/productdetails.aspx?ObjectId=200>ये</a>,<br /><img src=http://www.kogure.com/web/digitalperc/roland_spd20_2.gif><br /><a href=http://www.rolandus.com/products/productdetails.aspx?ObjectId=269>ये</a>,<br /><img src=http://teach.fcps.net/trt15/Sound/images/Music/jv-1010.jpg><br /><a href=http://de.m-audio.com/products/de_de/Audiophile2496-main.html>ये</a>,<br /><img src=http://www.core-sound.com/audiophile_2496/audiophile_2496.jpg><br /><a href=http://www.mxlmics.com/condenser_mic/mxlv67g/mxlv67g.htm>ये</a>,<br /><img src=http://images.justmusic.de/items/img.php?img=218955.jpg><br />और <a href=http://de.m-audio.com/products/de_de/MIDISPORT2x4-main.html>ये</a> मौजूद है।<br /><img src=http://www.musikhaus-andresen.de/images/53044996830db724e.jpg><br />साफ़्टवेयर और अपनी केबलों के बारे में अगली पोस्ट में।रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-84839956670530232472007-06-08T22:45:00.001+02:002007-06-10T01:32:04.747+02:00दिलबर जानीआज बहुत दिनों बाद <a href=http://www.rajneesh-mangla.de/dilbar_jaani.mp3>ये छोटी सी धुन</a> बनाई। ये गाना किशोर कुमार और लता मंगेश्कर का गाया हुआ है 'दिलबर जानी, चली हवा मस्तानी, हँसते खेलते गुज़रे ये ज़िंदगानी'। फ़िल्म का नाम याद नहीं। फ़िल्म में कौन थे पता नहीं, फ़िल्म देखी नहीं लेकिन गाना अच्छा लगता है। धुन शायद लक्षमीकांत प्यारेलाल की है।रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1148975870263500632006-05-30T21:30:00.000+02:002007-11-18T22:17:49.541+01:00ओ हमसफ़र-2टिप्पणिओं से थोड़ा उत्साहवर्धन हुआ तो इस ट्रेक को थोड़ा आगे बढ़ाया। इस ट्रेक की बेस लाईन से मैं काफ़ी खुश हूँ लेकिन कुछ चीज़ें अभी अच्छी नहीं हैं। आप बताईए, सुनकर।<br /><a href=http://www.rajneesh-mangla.de/o_humsafar.mp3>o_humsafar.mp3</a><br />------<br />पुरानी पोस्ट<br />आज सुबह सुबह अढ़ाई घंटा बैठ कर बारह सेकंड का ये ट्रेक बनाया। ये फ़िल्म 'फ़रेब' के गाने 'ओ हमसफ़र' का शुरूआती संगीत है। इसे जल्द ही पूरा करने की कोशिश करूँगा। कृपया बताएं कि कैसा बन पड़ा है।रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1148503185158592162006-05-24T22:37:00.000+02:002006-05-24T22:41:35.613+02:00बीट बाक्सरजे हमने अपने मूँह से बजाया है (एक बार में नहीं, दो बार में)<br /><a href=http://www.golmaal.de/7.mp3>7.mp3</a>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1148123980442934312006-05-20T13:19:00.000+02:002006-05-20T13:19:40.443+02:00दो छोटे छोटे ट्रेक औरइन्हें भी सुनिए।<br /><a href=http://www.golmaal.de/5.mp3>5.mp3</a><br /><br><br /><a href=http://www.golmaal.de/6.mp3>6.mp3</a>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1148035442171613782006-05-19T12:42:00.000+02:002006-05-19T12:44:02.183+02:00साऊँड लूपआज मैंने बहुत दिनों बाद कुछ छोटे छोटे साऊँड लूप बनाए, प्रेक्टिस के लिए।<br /><a href=http://www.golmaal.de/01.mp3>01.mp3</a><br /><br><br /><a href=http://www.golmaal.de/02.mp3>02.mp3</a><br /><br><br /><a href=http://www.golmaal.de/03.mp3>03.mp3</a><br /><br><br /><a href=http://www.golmaal.de/04.mp3>04.mp3</a>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1139765677820687072006-02-12T17:59:00.000+01:002006-02-12T18:41:42.786+01:00गाएं या बजाएंकुछ दिन पहले यहां (जर्मनी) के किसी टीवी चैनल पर बौलीवुड फ़िल्मों में संगीत (गानों) की भूमिका पर एक डाक्युमेंटरी दिखाई गई। इसमें कुछ बड़े अभिनेताओं (शा्हरुख खान), संगीत निर्देशकों (रहमान), गायकों (आशा भोंसले), choreographers (Shiamak Davar) तथा लेखकों की इंटर्वियू के साथ साथ आम लोग गाने गा कर झूमते हुए, मज़ा लेते हुए तथा अंताक्षरी खेलते हुए दिखाए गए। यहां हिन्दी फ़िल्मों का टीवी पर, तथा बड़ी मार्किटों में हिन्दी डीवीडी बिकने का चलन काफ़ी बढ़ रहा है।<br /><br />कुछ बातें जो मुझे खटकती रहीं, वो ये, एक तो सभी ने इंटरवियू अंग्रेज़ी में दी। दूसरा, इस पौने घंटे की इंटरवियू में इन लोगों ने कम से कम 200 बार शब्द 'संगीत' का उपयोग किया। यहां लोगों को संगीत का बहुत शौक है, संगीत की वजह से बौलीवुड हौलीवुड का मुकाबला कर पा रही है, इत्यादि। <br /><br />क्या गाने ही संगीत हैं? क्या ये गाने एक आम आदमी को संगीत के बारे में सही प्रकार से रूची जगाने में सक्षम होते हैं? कितनी ही टीवी प्रतियोगिताओं में सिर्फ़ गाने वाले प्रतियोगी ही बुलाए जाते हैं। कभी कुछ वादकों की प्रतियोगिता होते देखी है? क्या बोलों के बगैर संगीत नहीं होता? होता है। एक तो गाना, उससे भी मुश्किल एक दूसरे के साथ स्वर मिला के गाना, उससे भी मुश्किल कोई संगीत वाधय बजाना, उससे भी मुश्किल एक दूसरे के साथ स्वर मिला के वाधय बजाना। हम किस श्रेणी में आते हैं? शायद सबसे पहले वाली में।रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1134160418712993492006-01-02T08:10:00.000+01:002006-11-17T10:09:50.826+01:00मुझे mp3 चाहिए<a href=http://rajneesh.mobstop.com/log_comment.php?log_id=201>यहां देखें</a>रजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1130793787958563822005-10-31T22:06:00.000+01:002005-11-05T23:59:10.043+01:00तुम जो मिले तोदोस्तो, मैंने कुछ दस साल पहले ये फ़िल्म देखी थी। सिर्फ़ यही गाना इस फ़िल्म में अच्छा है। हैरानी की बात है कि 'हमारा सीडी' के साथ और कई अन्य वेबसाईटों पर इस फ़िल्म के गानों में सिर्फ़ यही गाना उपलब्ध नहीं है। किसी के पास हो तो मुझे mp3 बना कर ईमेल करदे। ये गाना मझे भूलता जा रहा है, इसलिए बोल पूरा करने में मदद करें। ज़ाहिर है कि बोल भी नेट पर नहीं मिल रहे।<br /><br />द्रोही (1992)<br />Singer : सुरेश वडेकर<br />Music Director : Burman R D<br />Lyrics : Javed Akhtar<br />Producer : Boney Kapoor<br />Director : Ram Gopal<br />Actors : Aakash, Danny Denzongpa, Ghulam Ghous, Nagarjuna, Silk Smita, Urmila Matondkar<br />Theme : Action<br /><br />तुम जो मिले तो लगा है, जैसे मिली ज़िंदगी<br />जाती कहां हैं ये राहें जिनपे चली ज़िंदगी<br /><br />इतना मुझको कब था पता, ऐसा भी इक गांव है<br />रसता तकती मेरा जहां, इन पलकों की छांव है<br />इतने हसीं रूप में है, देखो घनी ज़िंदगी<br />जाती कहां हैं ये राहें जिनपे चली ज़िंदगी<br /><br />तुमको पाकर ऐसा लगा, जितने थे ग़म खो गए<br />सदीयों से हम पत्थर के थे, अब मोम के हो गए<br /><br />जीने को जीते थे मगर इतनी ख़बर थी किसेरजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1130103364876281332005-10-23T23:35:00.000+02:002005-10-23T23:36:04.923+02:00हम बंजारों की बात मत पूछो जीMovie Name : Dharam Veer (1977) <br />Singer : kishore, lata<br />Music Director : Laxmikant Pyarelal <br />Lyrics : Anand Bakshi <br /><br />हम बंजारों की बात मत पूछो जी<br />जो प्यार किया तो प्यार किया<br />जो नफरत की तो नफरत की<br /><br />अच्छा ये तो बात तो फिर आऐंगे<br />हम तेरे प्यार को आज़माऐंगे<br /><br />हम दिल नहीं देते हम जान देते हैं<br />हम दिल नहीं लेते हम जान लेते हैं<br />ये दुश्मनी है, तुम दोसती ना समझो<br />दिल की लगी है, तुम दिल्लगी ना समझो<br />दिल के मारों की बात मत पूछो जी<br />जो प्यार किया तो प्यार किया<br />जो नफरत की तो नफरत की<br /><br />ये तो हैं बंजारे ये तुम कहो प्यारे<br />प्यार हो जब तड़प के, दिल दिल को पुकारे<br />सर हाथ पे रख के साथी छुड़ाने आए<br />सब देखते हों, वो यार को ले जाऐं<br />सच्चे यारों की बात मत पूछो जी<br />जो प्यार किया तो प्यार किया<br />जो नफरत की तो नफरत की<br /><br />तुम जो कहते हो हम वो करते हैं<br />हम जो करते हैं, तुम वो कहते हो<br />कुछ शर्त रख लो<br />माँगो जवानी दे दें<br />काफ़ी नहीं ये<br />ये ज़िंदगानी दे दें<br />हम दिलदारों की बात मत पूछो जी<br />जो प्यार किया तो प्यार किया<br />जो नफरत की तो नफरत कीरजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1130103242679815092005-10-23T23:33:00.000+02:002005-10-23T23:34:02.680+02:00ऐ काश के हम होश में अब आने ना पाएंkabhi haan kabhi na (1994)<br />jatin lalit<br />kumar sanu<br />shahrukh khan<br /><br />ऐ काश के हम होश में अब आने ना पाएं<br />बस नग़में तेरे प्यार के गाते ही जाएं<br /><br />खिलती महकती ये ज़ुलफ़ों की शाम<br />हंसते खनकते ये होठों के जाम<br />आ झूम के साज़ उठाएं<br />बस नग़में तेरे प्यार के गाते ही जाएं<br /><br />हो बस अगर तुम हमारे सनम <br />हम तो सितारों पे रख दें कदम<br />सारा जहां भूल जाएं<br />बस नग़में तेरे प्यार के गाते ही जाएंरजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-18207218.post-1130102478469934452005-10-23T23:19:00.000+02:002005-10-23T23:21:18.476+02:00मैं तेरे प्यार में पागलMain Tere Pyar Mein Pagal <br />Movie Name : Prem Bandhan (1978)<br />Singer : Kishore Kumar, Lata Mangeshkar<br />Music Director : Laxmikant Pyarelal<br />Lyrics : Anand Bakshi<br />Year : 1978<br />Producer : Gauri Films P Ltd.<br />Director : Ramanand Sagar<br />Actors : Moushumi Chatterjee, Prema Narayan, Rajesh khanna, Rekha, Vikram Gokhale<br /><br />मैं तेरे प्यार में पागल ऐसे घूमता हूं, जैसे मैं कोई प्यासा बादल बरखा को ढ़ूंढ़ता हूं<br />मैं तेरे प्यार में पागल ऐसे घूमती हूं, जैसे मैं कोई प्यासी बदली सावन को ढ़ूंढ़ती हूं<br /><br />जब जब तू छुप जाती है, इन फूलों की गलियों में<br />और चटकने लगती हैं कितनी कलियां कलियों में<br />मैं तेरा पता सभी से ऐसे पूछता हूं जैसे मैं कोई भूला राही मंज़िल को ढ़ूंढ़ता हूं<br /><br />मेरे चेहरे पे तेरी ठहरीं ठहरीं दो आंखें<br />कितनी गहरी झील है ये, झील से गहरी दो आंखें<br />मैं तेरी इन आंखों में ऐसे डूबती हूं, जैसे मैं कोई टूटी नईया मांझी को ढ़ूंढ़ती हूं<br /><br />तू हो न हो आंखों में रहती तेरी सूरत है<br />ये मन प्रेम का मंदिर है जिसमें तेरी मूरत है<br />मै तेरी इस मूरत को ऐसे पूजती हूं जैसे मैं कोई व्याकुल राधा मोहन को ढ़ूंढ़ती हूंरजनीश मंगलाhttp://www.blogger.com/profile/08365898829052109147noreply@blogger.com